ओ पालनहारे

ओ पालनहारे, निर्गुण ओ न्यारे, तुमहरे बिन हमरा कौनहो नाहि
हमरी उलझन सुलझाओ भगवन, तुमहरे बिन हमरा कौनहो नाहि

तुम्हे हमका हो सम्भाले, तुम्हे हमरे रखवाले
तुमहरे बिन हमरा कौनहो नाहि - २
तुमहरे बिन हमरा कौनहो नाहि

चंदा में, तुम्हे तो भरे हो चांदनी, सूरज में उजाला तुम्हे से
ये गगन, है मगन, तुम्हे तो दिए हो इसे तारे
भगवन, ये जीवन, तुम्हे न सँवारोगे तो क्या कोई सँवारे?
ओ पालनहारे, निर्गुण ओ न्यारे,
तुमहरे बिन हमरा कौनहो नाहि - २

जो सुनो तो, कहें प्रभजी हमरी है बिनती
दुःखीजन को धीरज दो, हारे नहीं वो कभी दुःख से 
तुम निर्बल को रक्षा दो, रह पाए निर्बल सुख से
भक्ति को, शक्ति दो - २
जग के जो स्वामी ही, इतनी तो अरज सुनो
हैं पथ में अंधियारे, दे दो वरदान में उजियारे
ओ पालनहारे, निर्गुण ओ न्यारे, तुमहरे बिन हमरा कौनहो नाहि
हमरी उलझन सुलझाओ भगवन, तुमहरे बिन हमरा कौनहो नाहि

ओ पालनहारे, निर्गुण ओ न्यारे, तुमहरे बिन हमरा कौनहो नाहि ।।
हमरी उलझन सुलझाओ भगवन, तुमहरे बिन हमरा कौनहो नाहि ।।  

तन के तम्बूरे में दो

तन के तम्बूरे में दो
तन के तम्बूरे में दो साँसों के तार बोले - जय सिया राम-२ जय राधे शाम-२
जय सिया राम-२ जय राधे शाम-२
तन के तम्बूरे में दो
तन के तम्बूरे में दो साँसों के तार बोले - जय सिया राम-२ जय राधे शाम-२
जय सिया राम-२ जय राधे शाम-२ 

अब तो इस मन के मंदिर में
अब तो इस मन के मंदिर में प्रभु का हुआ बसेरा, प्रभु का हुआ बसेरा 
अब तो इस मन के मंदिर में प्रभु का हुआ बसेरा 
मगन हुआ मन मेरा छूटा जनम-२ का फेरा, जनम-२ का फेरा 
मन की मुरलिया में ... हो 
मन की मुरलिया में
मन की मुरलिया में सुर का सिंगार बोले  - जय सिया राम-२ जय राधे शाम-२ 
जय सिया राम-२ जय राधे शाम-२ 
तन के तम्बूरे में दो
तन के तम्बूरे में दो साँसों के तार बोले - जय सिया राम-२ जय राधे शाम-२ 
जय सिया राम-२ जय राधे शाम-२ 

लगन लगी लीलाधारी से 
लगन लगी लीलाधारी से जगी रे जगमग ज्योति, जगी रे जगमग ज्योति 
लगन लगी लीलाधारी से जगी रे जगमग ज्योति, जगी रे जगमग ज्योति 
राम नाम का हिरा पाया, श्याम नाम का मोती, जगी रे जगमग ज्योति 
प्यासी दो अंखियो में ... हो 
प्यासी दो अंखियो में
प्यासी दो अंखियो में आसुओं की धार बोले - जय सिया राम-२ जय राधे शाम-२ 
जय सिया राम-२ जय राधे शाम-२ 
तन के तम्बूरे में दो
तन के तम्बूरे में दो साँसों के तार बोले - जय सिया राम-२ जय राधे शाम-२
जय सिया राम-२ जय राधे शाम-२ 
जय सिया राम-२ जय राधे शाम-२ 

बेटा ये तेरा मय्या

बेटा ये तेरा मय्या तुझको पुकारे-२
ममता की आशा लेके तुझको निहारे
बेटा ये तेरा मय्या तुझको पुकारे-२
ममता की आशा लेके तुझको निहारे

बेटा ये तेरा मय्या तुझको पुकारे
बेटा ये तेरा मय्या हो ऽऽऽ

है ये भवसागर, मय्या जग सारा-२
दिखे ना कहीं भी मुझे तो किनारा
कहाँ पार उतरूँ मुझे तू बता
बेटा ये तेरा मय्या तुझको पुकारे-२
ममता की आशा लेके तुझको निहारे
बेटा ये तेरा मय्या तुझको पुकारे
बेटा ये तेरा मय्या हो ऽऽऽ

कैसे मैं छुपऊँ दुर्गुण मेरे-२
अवगुण मुझमें हैं बहुतेरे
कई बार अपना मैं भूला पता
बेटा ये तेरा मय्या तुझको पुकारे-२
ममता की आशा लेके तुझको निहारे
बेटा ये तेरा मय्या तुझको पुकारे
बेटा ये तेरा मय्या हो ऽऽऽ

भाए ना मुझे ये दुनिया के मेले-२
तुझसे बिछड़ के बड़े दुःख झेले
आया हूँ शरण में तू, करदे दया
बेटा ये तेरा मय्या तुझको पुकारे-२
ममता की आशा लेके तुझको निहारे
बेटा ये तेरा मय्या तुझको पुकारे
बेटा ये तेरा मय्या हो ऽऽऽ

सुख के सब साथी


आऽऽऽ...आऽऽऽ...आऽऽऽ...
सुख के सब साथी, दु:ख में न कोई
सुख के सब साथी, दु:ख में न कोई
मेरे राम, मेरे राम
तेरा नाम इक सांचा, दूजा न कोई
सुख के सब साथी, दु:ख में न कोई

जीवन आनी-जानी छायाऽऽऽ
जीवन आनी-जानी छाया
झूठी माया, झूठी काया
फिर कहे को सारी उमरियाऽऽऽ
फिर कहे को सारी उमरिया, पाप की गठरी ढोई
सुख के सब साथी, दु:ख में न कोई
मेरे राम, मेरे राम
तेरा नाम इक सांचा, दूजा न कोई

न कुछ तेरा, न कुछ मेराऽऽऽ
न कुछ तेरा, न कुछ मेरा
जीवन जोगी वाला फेरा
राजा हो या रंक सभी काऽऽऽ
राजा हो या रंक सभी का, अंत एक सा होई
सुख के सब साथी, दु:ख में न कोई
मेरे राम, मेरे राम
तेरा नाम इक सांचा, दूजा न कोई

बाहर की तू माटी फांकेऽऽऽ
बाहर की तू माटी फांके
मन के भीतर, क्यूँ न झांके
उजले तन पर मान कियाऽऽऽ
उजले तन पर मान किया, और मन की मैल न धोई
सुख के सब साथी, दु:ख में न कोई
मेरे राम, मेरे राम
तेरा नाम इक सांचा, दूजा न कोई
सुख के सब साथी, दु:ख में न कोई

ढलता सूरज धीरे-धीरे

आज जवानी पर इतरानेवाले कल पछतेगा
ढलता सूरज धीरे-धीरे ढलता है ढल जाएगा
ढल जाएगा, ढल जाएगा


तू यहाँ मुसाफिर है, ये सारे फ़ानी है
चार रोज़ की महिमा तेरी जिंदगानी है
तेरी जिंदगानी है, तेरी जिंदगानी है

धन ज़मीं जर ज़ेवर कुछ न साथ जायेगा
ख़ाली हाथ आया है, ख़ाली हाथ जायेगा
ख़ाली हाथ जायेगा, ख़ाली हाथ जायेगा

जान कर भी अनजाना बन रहा है दीवाने
अपनी उम्र फ़ानी पे तन रहा है दीवाने
तन रहा है दीवाने, तन रहा है दीवाने

इस क़दर तू खोया है इस जहां के मेले में
तू ख़ुदा को भूला है, फँस के इस झमेले में
फँस के इस झमेले में, फँस के इस झमेले में

आज तक ये देखा है, पाने वाला खोता है
ज़िंदगी को जो समझा, ज़िंदगी पे रोता है
ज़िंदगी पे रोता है, ज़िंदगी पे रोता है

मिटने वाली दुनिया का ऐतबार करता है
क्या समझ के आख़िर तू इसको प्यार करता है
इसको प्यार करता है, इसको प्यार करता है

अपनी-अपनी फिकरों में, जो भी है वो उलझा है
जो भी है वो उलझा है, जो भी है वो उलझा है
ज़िंदगी हकीक़त में क्या है कौन समझा है
क्या है कौन समझा है, क्या है कौन समझा है
आज समझ ले.....
आज समझ ले, कल ये मौक़ा हाथ न तेरे आएगा
ओ ग़फलत की नींद में सोने वाले धोका खाएगा
ढलता सूरज धीरे-धीरे ढलता है ढल जाएगा
ढल जाएगा, ढल जाएगा
ढलता सूरज धीरे-धीरे ढलता है ढल जाएगा


मौत ने ज़माने तो ये समाँ दिखा डाला
कैसे-कैसे रुस्तम को ख़ाक़ में मिला डाला
ख़ाक़ में मिला डाला, ख़ाक़ में मिला डाला

याद रख सिकंदर के हौंसले तो आली थे
जब गया था दुनिया से दोनों हाथ खाली थे
दोनों हाथ खाली थे, दोनों हाथ खाली थे

अब न वो हला-कू है, और न उसके साथी हैं
जंग-जू व पोरस हैं, और न उसके हाथी है
और न उसके हाथी है, और न उसके हाथी है

कल जो तन के चलते थे अपनी शान-ओ-शौक़त पर
शम्मा तक नहीं जलती आज उनकी तुर्बत पर
आज उनकी तुर्बत पर, आज उनकी तुर्बत पर

अदना हो या आला हो, सबको लौट जाना है
सबको लौट जाना है, सबको लौट जाना है
मुफलिस-ओ-तवंगर का क़ब्र ही ठिकाना है
क़ब्र ही ठिकाना है, क़ब्र ही ठिकाना है
जैसी करनी...
जैसी करनी वैसी भरनी, आज किया कल पायेगा
सर को उठाकर चलनेवाले, इकदिन ठोकर खायेगा
ढलता सूरज धीरे-धीरे ढलता है ढल जाएगा-२
ढल जाएगा, ढल जाएगा
ढलता सूरज धीरे-धीरे ढलता है ढल जाएगा-२


मौत सबको आनी है कौन इससे छूटा है
तू फना नहीं होगा ये ख़याल झूठा है
ये ख़याल झूठा है, ये ख़याल झूठा है

साँस टूटते ही सब रिश्ते टूट जायेंगे
बाप माँ बहन बीवी, बच्चे छूट जायेंगे
बच्चे छूट जायेंगे, बच्चे छूट जायेंगे

तेरे जितने हैं भाई सब वक़्त का चलन देंगे
छीनकर तेरी दौलत, दो-ही गज़ क़फ़न देंगे
दो-ही गज़ क़फ़न देंगे, दो-ही गज़ क़फ़न देंगे

तू ये जिनको कहता है, सब ये तेरे साथी हैं
क़ब्र है तेरी मंज़िल, और ये बाराती हैं
और ये बाराती हैं, और ये बाराती हैं

लाके क़ब्र में तुझको मुर्दा पाक़ डालेंगे
अपने हाथों से तेरे मुंह पे ख़ाक़ डालेंगे
मुंह पे ख़ाक़ डालेंगे, मुंह पे ख़ाक़ डालेंगे

तेरी साड़ी उल्फ़त को ख़ाक़ में मिला देंगे
तेरे चाहनेवाले कल तुझे भुला देंगे
कल तुझे भुला देंगे, कल तुझे भुला देंगे

इसलिए मैं कहता हूँ, खूब सोच ले दिल में
क्यूँ फंसाए बैठा है जान अपनी मुश्किल में
जान अपनी मुश्किल में, जान अपनी मुश्किल में

कर गुनाह से तौबा, आगे बस संभल जाए
आगे बस संभल जाए, आगे बस संभल जाए
दम का क्या भरोसा है, जाने कब निकल जाए
जाने कब निकल जाए, जाने कब निकल जाए
मुट्ठी बाँधके आने वाले...
मुट्ठी बाँधके आने वाले हाथ पसारे जाएगा
धन दौलत जागीर से तूने क्या पाया, क्या पाएगा
ढलता सूरज धीरे-धीरे ढलता है ढल जाएगा
ढलता सूरज धीरे-धीरे ढलता है ढल जाएगा
ढलता सूरज धीरे-धीरे ढलता है ढल जाएगा

ऐसी लागी लगन, मीरा हो गई मगन

ऐसी लागी लगन, मीरा हो गई मगन - २
वो तो गली-गली हरी गुण गाने लगी
ऐसी लागी लगन, मीरा हो गई मगन
वो तो गली-गली हरी गुण गाने लगी
महलों में पली, बनके जोगन चली-२
मीरा रानी, दीवानी कहाने लगी
ऐसी लागी लगन, मीरा हो गई मगन-२

कोई रोके नहीं, कोई टोके नहीं, मीरा गोबिंद-गोपाल गाने लगी
बैठी संतो के संग, रंगी मोहन के रंग, मीरा प्रेमी-प्रीतम को मनाने लगी
कोई रोके नहीं, कोई टोके नहीं, मीरा गोबिंद-गोपाल गाने लगी
बैठी संतो के संग, रंगी मोहन के रंग, मीरा प्रेमी-प्रीतम को मनाने लगी
वो तो गली-गली हरी गुण गाने लगी
ऐसी लागी लगन, मीरा हो गई मगन
वो तो गली-गली हरी गुण गाने लगी
महलों में पली...

राणा ने विष दिया, मानो अमृत दिया, मीरा सागर में सरिता समाने लगी
राणा ने विष दिया, मानो अमृत दिया, मीरा सागर में सरिता समाने लगी
दुःख लाखों सहे, मुख से गोविन्द कहे, मीरा गोविन्द-गोपाल गाने लगी
वो तो गली-गली हरी गुण गाने लगी
ऐसी लागी लगन, मीरा हो गई मगन
वो तो गली-गली हरी गुण गाने लगी
महलों में पली...
ऐसी लागी लगन...

भोला भांग तुम्हारी

(धुन: हाय हाय ये मजबूरी)


भोला भांग तुम्हारी, मैं घोटात-घोटात हारी
मुझसे न घोटी जाए
की तेरी एक दिनां की होए तो घोंटूं, रोज़ न घोंटी जाए

सुन गणपति की महतारी, घोंटो भांग हमारी
बिन भंग रहा नहीं जाए
गौरां तोकू छोड़ दऊँ भंग न छोड़ी जाए

जिस दिन से मैं ब्याही आई भाग हमारे फूटे
राम करे ऐसा हो तेरा सिल-बट्टा ही टूटे
हाँ टूटे - २
छले पड़ गए हाथों में, क्यों तरस न मोपे खाए
की तेरी एक दिनां की होए तो घोंटूं, रोज़ न घोंटी जाए

भोला भांग तुम्हारी, मैं घोटात-घोटात हारी...

क्रोध में आके शिव शंकर ने खोला अपना झोला
एक निकली चरस की गोली, एक भांग का गोला
हाँ गोला - २ 
गोला, गोली खाकर बोले क्रोध में यूं फरमाए
गौरां तोकू छोड़ दऊँ भंग न छोड़ी जाए

सुन गणपति की महतारी, घोंटो भांग हमारी
बिन भंग रहा नहीं जाए
गौरां तोकू छोड़ दऊँ भंग न छोड़ी जाए

भांग चढ़ाए जो मुझपे, मैं पूरी आशा करता
मन इच्छा पूरी करके मैं उनके संकट हरता
मै हरता - २
इसी लिए वो भक्त मेरा मुझमे ही आन समाए
अरे, गौरां तोकू छोड़ दऊँ भंग न छोड़ी जाए

सुन गणपति की महतारी, घोंटो भांग हमारी
सुन भोला भांग तुम्हारी, मैं घोटात-घोटात हारी

के भोले भंडारी, नाथ प्रभु त्रिपुरारी


(धुन: के हम तुम चोरी से)


के भोले भंडारी, नाथ प्रभु त्रिपुरारी
बेड़ा करेंगे तेरा पार
भजन कर भोले नाथ का
भोले भंडारी, नाथ प्रभु त्रिपुरारी
बेड़ा करेंगे तेरा पार

शिव शंकर भोले भले, तेरे बिगड़े काज संभाले
शिव शंकर भोले भले, तेरे बिगड़े काज संभाले
खोले क़िस्मत के ताले, तेरी हर विपदा को टाले
दुनिया में दाता नहीं, कोई नहीं, मेरे भोलेनाथ-सा
भोले भंडारी, नाथ प्रभु त्रिपुरारी
बेड़ा करेंगे तेरा पार

भोले भंडारी, नाथ प्रभु त्रिपुरारी
बेड़ा करेंगे तेरा पार

भोले बाबा भंडारी, भंडार भरेंगे तेरे
भोले बाबा भंडारी, भंडार भरेंगे तेरे
शंकर शम्भू त्रिपुरारी, दुःख दूर करेंगे तेरे
अरे उनसे ना कुछ भी छिपा, सब है पता 
तेरे मन की बात का
के भोले भंडारी, नाथ प्रभु त्रिपुरारी
बेड़ा करेंगे तेरा पार

मेरे बाबा डमरू-वाले इस जग बगिया के माली
मेरे बाबा डमरू-वाले इस जग बगिया के माली
उनके हर खेल निराले, है लीला अजब निराली
पाया है, कोई पार ना, कोई यहाँ, मेरे भोलेनाथ का
भोले भंडारी, नाथ प्रभु त्रिपुरारी
बेड़ा करेंगे तेरा पार

के भोले भंडारी, नाथ प्रभु त्रिपुरारी
बेड़ा करेंगे तेरा पार

कट जाए तेरे फेरे, जो जयशिव-जयशिव बोले
कट जाए तेरे फेरे, जो जयशिव-जयशिव बोले
हो जाएँ दूर अँधेरे, जो मन की आँखे खोले
अरे करता जा नादान तू, गुणगान तू
शिव भोलेनाथ का
के भोले भंडारी, नाथ प्रभु त्रिपुरारी
बेड़ा करेंगे-बेड़ा करेंगे तेरा पार

शिव शंकर को जिसने पूजा


शिव शंकर को जिसने पूजा, उसका ही उद्धार हुआ
अंत काल को भवसागर में उसका बेड़ापार हुआ
भोले शंकर की पूजा करो, ध्यान चरणों में इसके धरो

शिव शंकर को जिसने पूजा, उसका ही उद्धार हुआ
अंत काल को भवसागर में उसका बेड़ापार हुआ
भोले शंकर की पूजा करो, ध्यान चरणों में इसके धरो

(chorus) हरहर महादेव शिव शंभू - ४

डमरू वाला है जग में दयालु बड़ा
दीन दुखियों का दाता, जगत का पिता
डमरू वाला है जग में दयालु बड़ा
दीन दुखियों का दाता, जगत का पिता
सबपे करता है ये, भोला शंकर दया
सबको देता है ये आसरा - २
इन पावन चरणों में अर्पण आकर जो इकबार हुआ
अंत काल को भवसागर से उसका बेड़ापार हुआ
भोले शंकर की पूजा करो, ध्यान चरणों में इसके धरो

(chorus) हरहर महादेव शिव शंभू - ४

नाम ऊंचा है सबसे महादेव का
वंदना इसकी करते हैं सब देवता
नाम ऊंचा है सबसे महादेव का
वंदना इसकी करते हैं सब देवता 
इसकी पूजा से वरदान पाते हैं सब
शक्ति का दान पाते हैं सब - २
नाग असुर प्राणी सबपर ही भोले का उपकार हुआ - २
अंत काल को भवसागर से उसका बेड़ापार हुआ

शिव शंकर को जिसने पूजा, उसका ही उद्धार हुआ
अंत काल को भवसागर में उसका बेड़ापार हुआ
भोले शंकर की पूजा करो, ध्यान चरणों में इसके धरो

(chorus) शिव शंकर को जिसने पूजा, उसका ही उद्धार हुआ
(chorus) अंत काल को भवसागर में उसका बेड़ापार हुआ
(chorus) भोले शंकर की पूजा करो, ध्यान चरणों में इसके धरो

मन मेरा मंदिर, शिव मेरी पूजा


मन मेरा मंदिर, शिव मेरी पूजा
शिव से बड़ा नहीं कोई दूजा
बोल सत्यम शिवम्, बोल तू सुन्दरम
मन मेरे शिव की महिमा के गुण गाए जा

मन मेरा मंदिर, शिव मेरी पूजा
शिव से बड़ा नहीं कोई दूजा
बोल सत्यम शिवम्, बोल तू सुन्दरम
मन मेरे शिव की महिमा के गुण गाए जा

मन मेरा मंदिर...शिव मेरी पूजा...

पार्वती जब सीता बन कर, जय श्रीराम के सम्मुख आई - २
राम ने उनको 'माता' कहकर शिव शंकर की महिमा गाई
शिव भक्ति में सब कुछ सूझा
शिव से बड़ा नहीं कोई दूजा
बोल सत्यम शिवम्, बोल तू सुन्दरम
मन मेरे शिव की महिमा के गुण गाए जा

मन मेरा मंदिर...शिव मेरी पूजा...

तेरी जटा से निकली गंगा, और गंगा ने भीष्म दिया है - २
तेरे भक्तो की शक्ती ने, सारे जग को जीत लिया है
तुझ को सब देवों ने पूजा,
शिव से बड़ा नहीं कोई दूजा
बोल सत्यम शिवम्, बोल तू सुन्दरम
मन मेरे शिव की महिमा के गुण गाए जा

मन मेरा मंदिर, शिव मेरी पूजा
शिव से बड़ा नहीं कोई दूजा
बोल सत्यम शिवम्, बोल तू सुन्दरम
मन मेरे शिव की महिमा के गुण गाए जा

मन मेरा मंदिर...शिव मेरी पूजा...
शिव से बड़ा नहीं कोई दूजा
बोल सत्यम शिवम्, बोल तू सुन्दरम
मन मेरे शिव की महिमा के गुण गाए जा