तन के तम्बूरे में दो

तन के तम्बूरे में दो
तन के तम्बूरे में दो साँसों के तार बोले - जय सिया राम-२ जय राधे शाम-२
जय सिया राम-२ जय राधे शाम-२
तन के तम्बूरे में दो
तन के तम्बूरे में दो साँसों के तार बोले - जय सिया राम-२ जय राधे शाम-२
जय सिया राम-२ जय राधे शाम-२ 

अब तो इस मन के मंदिर में
अब तो इस मन के मंदिर में प्रभु का हुआ बसेरा, प्रभु का हुआ बसेरा 
अब तो इस मन के मंदिर में प्रभु का हुआ बसेरा 
मगन हुआ मन मेरा छूटा जनम-२ का फेरा, जनम-२ का फेरा 
मन की मुरलिया में ... हो 
मन की मुरलिया में
मन की मुरलिया में सुर का सिंगार बोले  - जय सिया राम-२ जय राधे शाम-२ 
जय सिया राम-२ जय राधे शाम-२ 
तन के तम्बूरे में दो
तन के तम्बूरे में दो साँसों के तार बोले - जय सिया राम-२ जय राधे शाम-२ 
जय सिया राम-२ जय राधे शाम-२ 

लगन लगी लीलाधारी से 
लगन लगी लीलाधारी से जगी रे जगमग ज्योति, जगी रे जगमग ज्योति 
लगन लगी लीलाधारी से जगी रे जगमग ज्योति, जगी रे जगमग ज्योति 
राम नाम का हिरा पाया, श्याम नाम का मोती, जगी रे जगमग ज्योति 
प्यासी दो अंखियो में ... हो 
प्यासी दो अंखियो में
प्यासी दो अंखियो में आसुओं की धार बोले - जय सिया राम-२ जय राधे शाम-२ 
जय सिया राम-२ जय राधे शाम-२ 
तन के तम्बूरे में दो
तन के तम्बूरे में दो साँसों के तार बोले - जय सिया राम-२ जय राधे शाम-२
जय सिया राम-२ जय राधे शाम-२ 
जय सिया राम-२ जय राधे शाम-२