ओ पालनहारे

ओ पालनहारे, निर्गुण ओ न्यारे, तुमहरे बिन हमरा कौनहो नाहि
हमरी उलझन सुलझाओ भगवन, तुमहरे बिन हमरा कौनहो नाहि

तुम्हे हमका हो सम्भाले, तुम्हे हमरे रखवाले
तुमहरे बिन हमरा कौनहो नाहि - २
तुमहरे बिन हमरा कौनहो नाहि

चंदा में, तुम्हे तो भरे हो चांदनी, सूरज में उजाला तुम्हे से
ये गगन, है मगन, तुम्हे तो दिए हो इसे तारे
भगवन, ये जीवन, तुम्हे न सँवारोगे तो क्या कोई सँवारे?
ओ पालनहारे, निर्गुण ओ न्यारे,
तुमहरे बिन हमरा कौनहो नाहि - २

जो सुनो तो, कहें प्रभजी हमरी है बिनती
दुःखीजन को धीरज दो, हारे नहीं वो कभी दुःख से 
तुम निर्बल को रक्षा दो, रह पाए निर्बल सुख से
भक्ति को, शक्ति दो - २
जग के जो स्वामी ही, इतनी तो अरज सुनो
हैं पथ में अंधियारे, दे दो वरदान में उजियारे
ओ पालनहारे, निर्गुण ओ न्यारे, तुमहरे बिन हमरा कौनहो नाहि
हमरी उलझन सुलझाओ भगवन, तुमहरे बिन हमरा कौनहो नाहि

ओ पालनहारे, निर्गुण ओ न्यारे, तुमहरे बिन हमरा कौनहो नाहि ।।
हमरी उलझन सुलझाओ भगवन, तुमहरे बिन हमरा कौनहो नाहि ।।