[तर्ज़: आज फिर जीने की तमन्ना है, फ़िल्म: गाइड्]
जब से बुलावा माँ का पाया,
तब से मनवा मेरा हर्षाया, हो..२
मय्या के चरणों में शीष झुकाने, दौडा आया, आ...
माँ के दर्शन करने मैं आया हूँ,
माँ की चुनर भी सँग में लाया हूँ - २
मैने सुना है वैष्णों रानी,
करती है भक्तों की रखवाली, हो..२
दुखियों को मय्या अपने पास बुलाती, रक्षा करती, आ...
माँ से बिनती करने मैं आया हूँ,
माँ की चुनर भी सँग में लाया हूँ - २
पर्वत त्रिकूट पर विराजे,
मय्या के सिर पर छत्र विराजे, हो..२
छल-छल बहती आह्वाण गँगा, मन को हरती, आ...
नँगे पैरों से चलकर आया हूँ,
माँ की चुनर भी सँग में लाया हूँ - २
मय्या ने दानवों को मारा,
देवों को सँकट से उबारा, हो..२
रण मे ललकारे मय्या काली बनकर, सँकट हरे, आ...
माँ के जयकारे करता आया हूँ,
माँ की चुनर भी सँग में लाया हूँ - २
माँ के दर्शन करने मैं आया हूँ,
माँ की चुनर भी सँग में लाया हूँ - २